RBI Fixed Deposit Rules : वर्तमान समय में हर कोई व्यक्ति चाहते हैं कि हमारा निवेश सुरक्षित हो वही जब भी निवेश की बात होता है तो सबसे अधिक व्यक्ति फिक्स डिपॉजिट में अपने पैसों को निवेश करना पसंद करते हैं। क्योंकि यह सबसे सुरक्षित विकल्प है वहीं इसके साथ ही गारंटीड रिटर्न भी मिलते हैं।
ऐसे में अगर आपने भी फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसे लगाए हुए हैं तो एक बड़ी खबर सामने निकल कर आ रहा है। बता दे कि भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बहुत ही बड़ा घोषणा किए हैं। चलिए जानते हैं इसका निवेश को पर क्या असर पड़ने वाला है।
RBI Fixed Deposit Rules : फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में निवेश करने वालों को बड़ा झटका
बता दे कि भारतीय रिजर्व बैंक के तरफ से महंगाई को कंट्रोल करने के लिए रेपो रेट पर फैसला लिए गए हैं। बता दे की पिछले कई साल से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किए गए थे। वहीं बीते कुछ समय पहले ही भारतीय रिजर्व बैंक के तरफ से रेपो रेट में कटौती किए गए थे।
इसके बाद आज भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से मॉनिटरिंग पॉलिसी में रेपो रेट में 50 बेसिक प्वाइंट की कटौती करने की ऐलान कर दिए गए हैं। आप सभी को बता दे कि यह कटौती अनुमान से भी अधिक है। वही रेपो रेट में 25 बिपीएस की कमी का अनुमान था।
बता दे कि भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से लिए गए या फैसला के बाद से होम लोन ग्राहकों में खुशी का माहौल बना हुआ है। वही रेपो रेट में कमी होने से होम लोन के नए और पुराने दोनों ग्राहकों को लाभ मिलेंगे। लेकिन जहां होम लोन के ग्राहकों को लाभ हुए हैं। वहीं फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में निवेश करने वाले व्यक्तियों को बड़ा झटका भी लगा है। आईए और जानते हैं नीचे की लेख में पूरी जानकारी विस्तार से।
RBI Fixed Deposit Rules : फिक्स्ड डिपॉजिट पर बड़ा झटका ब्याज दरों में हुई कटौती
आप सभी लोगों को पता होना चाहिए कि देश की सरकारी और प्राइवेट बैंक सबसे अधिक कमाई ग्राहकों को लोन देकर करते हैं। वही बैंक ग्राहकों को जितना अधिक इंटरेस्ट रेट पर होम लोन और कर लोन देते हैं। उन्हें इतनी अधिक कमाई होते हैं।
लेकिन बता दे कि अब आरबीआई की तरफ से रेपो रेट घटा दिए गए हैं। इसके बाद उन्हें नहीं चाहते हुए भी लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में कटौती करने पर पड़ेगे। बता दे की बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज दरों में भी घटाएंगे। हालांकि बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम के इंटरेस्ट रेट में 50 बिपीएस की कमी करेंगे। जिससे अधिक करेंगे या इससे काम करेंगे वही यह अभी कंफर्म नहीं हुआ है।
आप सभी लोगों को बता दे कि यह फैसला बैंक अपनी फंड के जरूरत के हिसाब से लेंगे। वही जिस बैंक को फंड की सबसे अधिक जरूर होंगे। वह बैंक ब्याज दरों में कटौती करेंगे वही जिस बैंक को फंड की कम जरूर होंगे। वह बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम के ब्याज दरों में अधिक कटौती कर सकते हैं। आईए और जानते हैं नीचे की लेख में पूरी जानकारी विस्तार से।
फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में निवेदक जान ले की क्या है करें
बता दे कि यदि आपने पहले से फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम कर रखे हैं तो आपको मेच्योरिटी तक परेशान होने की किसी भी प्रकार की कोई जरूरत नहीं है। दरअसल बैंक में जिस ब्याज दर पर अपने फिक्स डिपाजिट करवाएं हुए हैं। तो उस पर मैच्योरिटी पहले ही फिक्स हो चुके हैं। वही जितना आपका ब्याज मिलता था उतना ही ब्याज मिलेगा। कहने का मतलब यह हुआ कि मौजूदा समय में अगर बैंक ब्याज दर को काम करते हैं तो आपको नुकसान नहीं होंगे।
वहीं अगर आपका फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम जल्द में जीरो होने जा रहे हैं तो आपको फिर से इसके बारे में सोचना पड़ेगा। वही बैंक आपको फिक्स डिपॉजिट स्कीम को रिन्यू करने के लिए बोलते हैं। लेकिन बैंक उसे फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम पर पहले के मुकाबले बेहद कम ब्याज दर प्रदान करते हैं।
ऐसे में आपके लिए उसे फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम को रिन्यू नहीं करना ही फायदेमंद साबित होगा। वही आपको अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम के पैसे निकाल लेने चाहिए।