DA Hike : अगर आप भी सरकारी कर्मचारी हैं या फिर पेंशनर्स है तो आप सभी के लिए एक बहुत ही बड़ा अपडेट निकाल कर आ रहा है। वही इस अपडेट के मुताबिक आप सभी सरकारी कर्मचारीयों एवं पेंशनर्स को बहुत ही बड़ा झटका लगा है। आईए और जानते हैं नीचे की लेख में पूरी जानकारी विस्तार से।
देश में रहने वाले 47 लाख केंद्रीय कर्मचारीयों और 67 लाख पेंशनर्स को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल हाल ही में सरकार की ओर से महंगाई भत्ते पर एक बहुत ही बड़ा अपडेट निकलकर आया है। बता दे कि केंद्र सरकार ने पिछले महीने महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 2% की कटौती करने की ऐलान किए थे। आईए और जानते हैं नीचे की लेख में पूरी जानकारी विस्तार से।
बता दे कि केंद्र सरकार ने पिछले महीने करीब 1.2 करोड़ केंद्रीय कर्मचारीयों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी करके 55% करने की ऐलान किए थे। बता दे कि यह दो प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ोतरी पिछले 78 महीना में सबसे कम थे।
DA Hike :
लेकिन अब इस कैलेंडर ईयर 2025 के पहले 3 महीना में महंगाई भत्ता में और गिरावट से संकेत मिल रहे हैं कि अगले महंगाई भत्ता संशोधन में केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में दो प्रतिशत कम या यहां तक की जीरो प्रतिशत बढ़ोतरी देखने को मिल सकते हैं।
बता दे कि इससे केंद्र सरकार के करोड़ों कर्मचारीयों और पेंशन भोगियों को और निराशा होंगे जो जुलाई – दिसंबर 2025 के साइकिल में अपने महंगाई भत्ते में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। वही तकनीकी रूप से यह सातवें वेतन आयोग में अंतिम महंगाई भत्ता संशोधन माना जा रहा है। जो इस साल 31 दिसंबर को अपना 10 साल का कार्यकाल पूरा करेगा।
आज के इस खबर में हम महंगाई भत्ता में संभावित कटौती के पिछले ,, इसके कैलकुलेशन के तरीके और सरकारी कर्मचारीयों और पेंशनर्स पर इसके प्रभाव के बारे में भी चर्चा करने जा रहे हैं। लेकिन उससे पहले लिए महंगाई भत्ता का मतलब समझ लेते हैं की क्या होता है महंगाई भत्ता।
आज के इस खबर में हम जानेंगे कि महंगाई भत्ता में संभावित कटौती के कारणों इसके कैलकुलेशन के तरीको और सरकारी कर्मचारीयों एवं पेंशनर्स पर इसके प्रभाव की पड़ताल करता है। ऐसे में आईए शुरुआत में महंगाई भत्ता का अर्थ समझते हैं।
DA Hike : महंगाई भत्ता क्या है, जानिए नीचे की लेख में
बता दे कि महंगाई भत्ता भारती कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए सरकारी कर्मचारीयों और पेंशन भोगियों को दिए जाने वाले एक भत्ता होता है। वही इस साल में दो बार संशोधित किए जाते हैं। बता दे की जनवरी और जून साइकिल और जुलाई से दिसंबर साइकिल के लिए। वही साल की पहली बढ़ोतरी आमतौर पर मार्च में घोषित किए जाते हैं और दूसरी हर साल अक्टूबर या नवंबर में घोषित किए जाते हैं।
बता दे कि महंगाई भत्ता ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर आधारित होते हैं और कर्मचारियों की वास्तविक आय को बनाए रखने में सहायता करते हैं। आईए और जानते हैं नीचे की लेख में पूरी जानकारी विस्तार से।
DA Hike : AICPI – IW के आंकड़ों में गिरावट
बता दे की 2025 के पहले दो महीना में AICPI -IW में गिरावट जुलाई से दिसंबर 2025 के लिए केंद्रीय कर्मचारीयों और पेंशन भोगियों के महंगाई भत्ते में संभावित कमी का संकेत देते हैं। वही AICPI – IW कर्मचारियों के महंगाई भत्ता बढ़ोतरी का कैलकुलेशन करने के लिए एक महत्वपूर्ण मिट्रिक है। इसीलिए आप जब हमारे पास इस साल के पहले दो महीना के लिए AICPI – IW डेटा हैं और अगर गिरावट का सिलसिला अगले 4 महीना तक जारी रहते हैं तो यह सुनिश्चित होंगे कि केंद्रीय कर्मचारियों और सेवानिवृत्ति व्यक्तियों को दो प्रतिशत से कम महंगाई भत्ता बढ़ोतरी या यहां तक की शून्य प्रतिशत हाइक के साथ समझौता करने पड़ सकते हैं।
AICPI – IW वह इंडेक्स होता है जो महंगाई भत्ते में वृद्धि निर्धारित करते हैं। बता दे कि यह श्रम मंत्रालय के लेबर ब्यूरो द्वारा जारी किए जाते हैं। वहीं फरवरी 2025 में यह इंडेक्स 0.4 अंक गिरकर 142.8 पर आ गए। जबकि जनवरी 2025 में यह 143.2 थे। वही यह गिरावट महंगाई भत्ता में वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं।
बता दे की फरवरी 2025 की ईयर- ऑन-ईयर इंफ्लेशन घटकर 2.59% हो गए जबकि फरवरी 2024 में यह 4.90 प्रतिशत थे। वहीं अब यह उम्मीद किए जा रहे हैं कि देश में ओवरऑल मुद्रास्फिति की स्थिति को देखते हुए मार्च, अप्रैल में AICPI – IW में और गिरावट आ सकते हैं।
वहीं उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा मुद्रास्फिति इस साल मार्च में 15 साल के निचले स्तर 3.34% पर आ गए। जबकि फरवरी में यह 3.61% थे। आईए और जानते हैं नीचे की लेख में पूरी जानकारी विस्तार से।
सातवें वेतन आयोग का फार्मूला कैसे काम करते हैं, जानिए नीचे की लेख में
बता दे कि पहले महंगाई भत्ता बढ़ोतरी का कैलकुलेशन बेस्ड ईयर 2001 के साथ AICPI के आधार पर किए जाते थे। वही बाद में इसे सितंबर 2025 से महंगाई भत्ता कैलकुलेशन के लिए बेस ईयर 2016 के साथ एक नए AICPI के साथ बदल दिए गए हैं।
महंगाई भत्ता = (पिछले 12 महीना के लिए CPI – IW(बेस 2016= 100) का एवरेज x 2.88- 261.4)*100/(261.4))।
जहां AICPI पिछले 12 महीना का एवरेज का कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स है।
वही सातवें वेतन आयोग द्वारा निर्धारित बेस इंडेक्स 261.4 हैं।
ऐसे में अगर इंडेक्स के आंकड़े नहीं सुधरे तो जुलाई 2025 का महंगाई भत्ता संशोधन बहुत ही कम देखने को मिलेंगे। वहीं इससे कर्मचारियों का वेतन और पेंशनर्स का मासिक भत्ता प्रभावित होंगे। क्योंकि महंगाई भत्ता वेतन और भत्ते का महत्वपूर्ण हिस्सा है।