Post Office Scheme : वर्तमान समय में निवेश करने का कई विकल्प मार्केट में मौजूद है। वहीं इसके बावजूद हम पोर्टफोलियो बैलेंस बनाने के लिए सुरक्षित निवेश को शामिल करना पसंद करते हैं। बताने की बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट के अलावा भी सुरक्षित निवेश के कई विकल्प वर्तमान समय में उपलब्ध है। वहीं इनमें से पोस्ट ऑफिस स्कीम भी एक माने जाते हैं। वही आज के इस लेख में हम पोस्ट ऑफिस के ऐसी स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसमें फिक्स्ड डिपॉजिट से भी ज्यादा ब्याज मिल रहे हैं। अतः इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ते रहें ताकि आपको इस लेख में बताए गए पूरी जानकारी विस्तार से पता चल सके।
बता दे की बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम पहले से ही निवेशकों को पसंदीदा विकल्प बना हुआ है। वही आज हम आपको फिक्स डिपाजिट के अलावा भी कम जोखिम या न के बराबर जोखिम वाले निवेश प्लेटफार्म मिल जाएंगे। बता दे कि इनमें से पोस्ट ऑफिस स्कीम भी एक है।
वही आज के इस लेख में पोस्ट ऑफिस की ऐसी स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसमें बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट से भी ज्यादा रिटर्न मिल जाएंगे। बता दे की हम यहां सीनियर सिटिजन स्कीम या सुकन्या स्कीम की बात नहीं कर रहे हैं। बता दे की पोस्ट ऑफिस की स्कीम में अगर आप 115 महीने निवेश करते हैं तो आपका पैसा डबल हो जाएंगे। वही आज के इस लेख में हम बात कर रहे हैं। पोस्ट ऑफिस स्कीम के किसान विकास पत्र स्कीम के बारे में ऐसे में आईए जानते हैं और जानकारी नीचे की लेख में विस्तार से।
Post Office Scheme : कितना मिलता है ब्याज, जानिए नीचे की लेख में
बता दे की पोस्ट ऑफिस की ऑफिशल वेबसाइट के अनुसार किस विकास पत्र स्कीम में 7.5% का बंपर ब्याज मिल रहे हैं। वहीं इसमें अगर कोई निवेशक 115 महीने या 9 साल और 7 महीने निवेश करते हैं तो उनका पैसा डबल हो जाएंगे। वहीं मौजूदा समय में कई बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में 7.5% से भी कम ब्याज ऑफर किए जा रहे हैं।
वही इस स्कीम में कमल की बात तो यह है कि आप इसमें अधिकतम कितना भी पैसा निवेश कर सकते हैं। वही इसे लेकर कोई लिमिट तय नहीं किया गया है। वही ये पोस्ट ऑफिस स्कीम आपको मैच्योरिटी पर पैसा डबल करके देते है। ऐसे में आप महज ₹1000 से इस स्कीम में निवेश आरंभ कर सकते हैं। आईए और जानते हैं नीचे की लेख में पूरी जानकारी विस्तार से।
Post Office Scheme : क्या मैच्योरिटी से पहले पैसे निकाल सकते हैं, जानिए नीचे की लेख में
बता दे कि निवेशक स्कीम के तहत 2 साल 6 महीने निवेश कर पैसे निकाल सकते हैं।
वहीं इसके अलावा अगर निवेशक की मृत्यु हो जाते हैं तो भी मेच्योरिटी से पहले पैसे निकल जा सकते हैं।